30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 1,700+ अंक गिरा। Stock market girne ki wajah aaj इजराइल-ईरान युद्ध का क्या है असर?
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,700 अंकों से ज्यादा फिसल गया, वहीं निफ्टी ने 22,400 का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल भी तोड़ दिया।
मार्च का यह महीना निवेशकों के लिए जख्मों भरा साबित हो रहा है। इस महीने बाजार अब तक 10.5% की गिरावट दर्ज कर चुका है, जो मार्च 2020 (कोविड-19 काल) के बाद का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है।
Stock market girne ki wajah aaj- बाजार के धराशायी होने के 5 प्रमुख कारण।
शेयर बाजार में आई इस सुनामी के पीछे केवल एक वजह नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों का हाथ है:
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1. कच्चे तेल की कीमतों में ‘आग’
Crude oil price badhne se India par asar अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 3% बढ़कर 115.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। सिर्फ इस महीने में तेल की कीमतों में 60% का उछाल आया है।
यह तेजी 1990 के खाड़ी युद्ध के समय देखी गई कीमतों की याद दिला रही है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) के लिहाज से बड़ा खतरा है
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मिडिल ईस्ट में युद्ध का विस्तार।
इजराइल-ईरान संघर्ष अब अपने पांचवें हफ्ते में है और इसके थमने के आसार नजर नहीं आ रहे। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इजराइल पर हमलों ने आग में घी डालने का काम किया है।
इससे लाल सागर के जरिए होने वाली ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन बाधित होने का डर है, जिससे निवेशकों में घबराहट (Panic) बढ़ गई है
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RBI के नए नियम और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली।
बाजार को सबसे बड़ा झटका बैंकिंग सेक्टर से लगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनशोर एक्सपोजर पर पोजीशन लिमिट को कड़ा कर दिया है।
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नया नियम: बैंकों की नेट ओपन रुपये पोजीशन को हर दिन के अंत तक 1 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) तक सीमित करना होगा।
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असर: इस निर्देश के बाद बैंकों को अपनी आर्बिट्राज पोजीशन (अनुमानित 25-50 अरब डॉलर) खत्म करने के लिए डॉलर बेचने पड़ सकते हैं, जिससे बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
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विदेशी निवेशकों (FIIs) की रिकॉर्ड निकासी।
Share market me kab tak rahegi girawat विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं। मार्च महीने में अब तक 1.18 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिकवाली हो चुकी है।
वैश्विक अस्थिरता और रुपये की कमजोरी के कारण विदेशी फंड सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भारतीय बाजार से बाहर जा रहे हैं।
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मंथली एक्सपायरी और इंडिया विक्स (India VIX)
मंगलवार की छुट्टी के कारण निफ्टी F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी सोमवार को ही हो गई, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ गया।
बाजार में डर को मापने वाला India VIX इंडेक्स 8% उछलकर 28.78 पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच भारी घबराहट का संकेत है।
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