liquidity trading strategy

4 बेहतरीन liquidity trading strategy फर्जी ब्रेकआउट से बचें और स्मार्ट मनी के साथ ट्रेड करें। स्टॉप लॉस हंटिंग से कैसे बचें?

Swing Trading Strategies

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liquidity trading strategy सीखिए हिंदी में। लिक्विडिटी जोन, ऑर्डर ब्लॉक और AMD मॉडल की पूरी जानकारी। प्रॉफिट कैसे बढ़ाएं? [यहाँ क्लिक करें]

हमारे इस लेख के साथ स्मार्ट मनी कॉन्सेप्ट (SMC) के ढांचे के भीतर लिक्विडिटी (Trading strategies) की शक्ति को अनलॉक करें। इस लेख में, हम लिक्विडिटी, लिक्विड पूल, लिक्विडिटी ट्रैप और लिक्विडिटी स्वीप की बारीकियों को SMC के संदर्भ में विस्तार से बताने वाले हैं।

Intro

चाहे आप एक अनुभवी ट्रेडर हों या वित्त की दुनिया में नए हों, यह लेख आपको SMC सिद्धांतों का उपयोग करके आत्मविश्वास के साथ-साथ बाज़ारों में नेविगेट करने के लिए ज्ञान से लैस करता है।

हमारे साथ जुड़ें क्योंकि हम इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, और आपको SMC ढांचे के भीतर अपने व्यापारिक प्रयासों में सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाते हैं। लिक्विडिटी ट्रेडिंग में महारत हासिल करने का मौका न चूकें।

What Is Liquidity?

liquidity trading strategy

गाइस चाहे हमें किसी भी टाइप के मार्केट में ट्रेडिंग करनी हो फॉरेक्स मार्केट हो स्टॉक मार्केट हो क्रिप्टो मार्केट हो या फिर किसी भी मेथड स्ट्रेटेजी सेटअप को यूज करते हुए ट्रेडिंग करनी हो फॉर एग्जांपल प्राइस एक्शन हो गया कोई स्टॉप लॉस हंटिंग हो गई कोई स्मार्ट मनी कांसेप्ट हो गया या फिर कोई अदर इंडिकेटर हो गया।

सो इन शॉर्ट हम ऐसा कह सकते हैं कोई भी टाइप की ट्रेडिंग के लिए हमें चाहिए प्राइस का मूवमेंट और प्राइस के मूवमेंट के लिए हमें चाहिए लिक्विडिटी तो इस क्रोनोलॉजी के हिसाब से अगर हमें ट्रेडिंग करनी है तो सबसे टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर हमारे लिए होना चाहिए कि, लिक्विडिटी की समझ होना लिक्विडिटी के बारे में कंप्लीट नॉलेज होना तो इस लेख में हम ये समझने वाले हैं कि क्या होती है लिक्विडिटी क्या होते हैं, लिक्विडिटी जोन्स, लिक्विडिटी पूल का कंसेप्ट (Understanding liquidity) हमें क्या बताता है क्या होते हैं लिक्विडिटी ट्रैप्स जहां पे बाकी सब लोग ट्रैप होते हुए नजर आते हैं क्या होता

है बाय सेल लिक्विडिटी एंड लास्ट बट नॉट द लीस्ट लिक्विडिटी स्वीप का कांसेप्ट क्या होता है एकदम बेसिक टू एडवांस हम समझने वाले हैं कि लिक्विडिटी ट्रेडिंग क्या होती है जिससे कि चाहे हम आज ट्रेडिंग सीखना शुरू कर रहे हो या फिर ट्रेडिंग करते हुए हमें 20 साल हो गए हो सभी को इक्वली समझ में आने वाला है यह कांसेप्ट और सभी के लिए इक्वल इंपॉर्टेंस रखता है।

liquidity trading strategy

liquidity trading strategy

अगर आपको उदहारण के रूप में डिमांड और सप्लाई का नियम समझ में आता हो, तो स्टॉक मार्केट में ना सही आपके दिनचर्या में अगर आपको डिमांड और सप्लाई का रूल समझ में आता है। तो बड़े ही आराम से आप लिक्विडिटी (Liquidity trading strategy) को समझ जाएंगे।

उदाहरण के लिए, मेरे पास कोई बाइक है, जिसको मैं 2 लाख रुपए में बेचना चाहता हूं। तो मैं बेचने वाला हूं तो मैं क्या हो गया सेलर हो गया। यहां पर मैं इकलौता एक सेलर हूं। इसके बाद मान लेते हैं कि, 10 लोग इसको यहां पर रेडी बैठे हैं खरीदने के लिए। तो 10 लोग हो गए यहां पर बायर (Buyer) अब सेलर एक है और यहां पर बायर खूब सारे हैं। तो क्या मेरे को यहां पर प्राइस ड्रॉप डाउन करने की जरूरत है या नहीं? बिल्कुल भी नहीं है।

मैं चाहूं तो यहां पर 2 लाख की जगह 2.10 लाख में भी यहां पर डिमांड रख सकता हूं। मेरे को पता है कि, एक नहीं खरीदेगा, दो नहीं खरीदेगा बाकी कोई तो खरीदेगा इस चीज को। 10 बायर मेरे सामने यहां पर खड़े हुए हैं। तो जब यहां पर सेलर कम है और बायर ज्यादा है। तब प्राइस हमारा ऊपर की तरफ जाता  हुआ नजर आता है।

  1. Liquidity Zones

    liquidity zones में चार्ट बना होता, तो इस जोन के नीचे वापस से अगर प्राइस नीचे आता यहां पर इस जन के आसपास आता। तो जो भी लोग यहां पर बाय करके बैठे हैं या फिर इस जोन में प्राइस आता तो जो भी लोग यहां पर सब बाय करके बैठे हैं उनको मजबूरी में वहां पे जो भी अपनी पोजीशन है उसको कट डाउन करना पड़ता।

    तो वहां पर सेल (Sell) ऑर्डर्स हमें जनरेट होते हुए नजर आते तो यूं हम कह सकते हैं कि, सेल साइड की लिक्विडिटी (trading liquidity zones)  हमें यहां पर देखने को मिलती है। सेल ऑर्डर्स यहां पर जनरेट होते हुए नजर आ रहे हैं। इसीलिए एक जो पर्टिकुलर एरिया में प्राइस पहुंचने के बाद वहां पे एक पर्टिकुलर टाइप की लिक्विडिटी जनरेट हो। वहीं पर जैसे यहां पर अगर ऊपर की इसके ऊपर प्राइस जाना चालू करता जैसे यहां पर गया भी। तो यहां पर क्या हुआ? जो सब लोग यहां पर सेल करके बैठे हैं, इस एरिया के आसपास सब यहां पर जो भी बार-बार प्राइस आ रहा था और लोग सेल कर रहे थे तो ये पूरा ऐसा एरिया बन गया।

    इसके ऊपर कि, यहां पर जब भी प्राइस आएगा तो यहां पर लोग बाय करेंगे। चाहे वो सेल करके बैठे हैं तो अपनी पोजीशन कवर करेंगे। तो उनको मजबूरी में बाय करना पड़ेगा या फिर जो लोग इंतजार कर रहे हैं अपने कैश को लेकर बैठे हुए हैं। हार्ड कैश (High Cash) में वहां पर पेशेंटली वेट (liquidity in trading) कर रहे हैं कि, एक अच्छी अपॉर्चुनिटी हमें मिले।

    तो भी प्राइस यहां पर ऊपर निकलेगा तो वो लोग भी यहां पर बाय करने की कोशिश करेंगे। तो दोनों ही केस में हमें क्या देखने को मिल रहा है कि, यहां पर लोग बाय ऑर्डर्स आते हुए नजर आएंगे। चाहे सेल से कन्वर्ट होके बाय आ रहे हो या फिर फ्रेश बाय ऑर्डर्स आ रहे हो। जैसा मैंने आपको डिमांड सप्लाई के के रूल में समझाया था कि, अगर सेलर्स हो गए कम, और बायर्स हो गए ज्यादा। तो डिमांड बढ़ गई तभी तो प्राइस ऊपर की साइड पर शिफ्ट होता हुआ नजर आएगा।

  2. Liquidity Pool

    लिक्विडिटी जनस और लिक्विडिटी पूल में ज्यादा कोई अंतर नहीं है। अगर प्राइस यहां से ऊपर गया है, एक ही बार ऊपर गया है एक ही बार यहां पर लोग बैठे हैं। उसके नीचे का जो पूरा एरिया है, जहां पर इस तरह से प्राइस वापस आता है। तो हम यूं मान सकते हैं कि, अगर इस तरह से यहां पर प्राइस वापस आएगा। तो यहां से टच करते ही हमें सेल साइड के ऑर्डर्स मिलना चालू होंगे। क्योंकि ये सब लोग जो बाय करके बैठे हैं ये यहां पर सेल करना चालू करेंगे और फ्रेश सेलर्स भी यहां पर buy करते हुए नजर आएंगे।

    आएंगे तो एक बार ही प्राइस वहां से ऊपर गया है तो उस एरिया को कहते हैं लिक्विडिटी जोन और बार-बार जैसा यहां पे आपको देखने को मिल रहा है एग्जांपल के केस में कि यहां पे प्राइस आया फिर ऊपर चला गया फिर वापस यहां पे प्राइस आया ऊपर चला गया तो एक बार दो बार तीन बार चार बार चार बार यहां पे लोग बाय कर चुके हैं और इसी तरह से एक बार दो बार तीन बार चार बार चार बार ऊपर के लोग यहां पे सेल कर चुके हैं तो इसको कहा जाता है लिक्विडिटी पूल यानी एक से ज्यादा बार वहां पे बाइंग हो चुकी है एक से ज्यादा बार वहां पे सेलिंग हो चुकी है तो फिर वो लिक्विडिटी जोन ना होते

    हुए लिक्विडिटी पूल हो चुका है क्योंकि वहां पे मल्टीपल सेल ऑर्डर्स या मल्टीपल बाय ऑर्डर्स हमें मिल सकते हैं ज्यादा मेजर डिफरेंस नहीं होता लिक्विडिटी जन और लिक्विडिटी पूल में पूल का मतलब है कि बार-बार लोगों को वहां पे अपॉर्चुनिटी मिली है। इसलिए हमें स्विंग ट्रेडिंग में होने वाली गलतियों से कैसे बचे? इसके भी उपाय ढूढ़ना चाहिए। तो ज्यादा लिक्विडिटी इकट्ठी हो चुकी है तो ज्यादा लिक्विडिटी को कहते हैं लिक्विडिटी पूल अब यहां तक के डिस्कशन के बाद एक इंपॉर्टेंट डाउट को आपके क्लियर कर देते हैं जिसके रिलेटेड काफी सारे लोगों के कमेंट्स आ रहे थे कि क्या स्टॉप लॉस का मतलब ही लिक्विडिटी होता है क्या सो कंप्लीट ट्रू नहीं है यह बात कंप्लीट सही

    नहीं है यह बात लिक्विडिटी में ऐसा होता है कि ऑर्डर्स हमें आने चाहिए बस ऑर्डर्स फुलफिल होते हुए नजर आने चाहिए वो लिक्विडिटी होती है तो ऑर्डर्स चाहे स्टॉप लॉस के थ्रू जनरेट हो रहे हो तो भी वो लिक्विडिटी है या फिर वहां पर कोई फ्रेश ऑर्डर्स डिप्लॉयडी जनरेट होती हुई नजर आएगी तो ऐसा कह सकते हैं कि लिक्विडिटी एक बड़ी पिक्चर है उसका एक पार्ट होते हैं स्टॉप लॉस क्योंकि कुल मिला के हमें किस चीज से मतलब है ऑर्डर्स आने से मतलब है कि बाय को फुलफिल करने के लिए यहां पे सेल ऑर्डर चाहिए सेल को फुलफिल करने के लिए यहां पे बाय ऑर्डर्स चाहिए तो ऑर्डर आने से मतलब

    है फिर चाहे वो वहां पे फ्रेश ऑर्डर्स ही डिप्लॉयड इन्वेस्टर्स वगैरह आते हुए नजर आ रहे हो या फिर जिन्होंने ऑलरेडी नीचे से बाय कर रखा है जैसे मान लेते हैं कि फॉर एग्जांपल ये hdfcfund.com वहीं पे ऐसा नहीं होता है कि प्राइस अच्छा भगता हुआ जा रहा है सारे पॉलिटिकल सेंटीमेंटल टेक्निकल रीजन सब कुछ पॉजिटिव बने हुए हैं तो लोग बाग यहां पे फ्रेश ऑर्डर्स भी डिप्लॉयड बाइंग होती हुई नजर आती है एसआईपी वगैरह के थ्रू म्यूचुअल फंड वगैरह के थ्रू तो वहां पे फ्रेश लिक्विडिटी भी जनरेट होती हुई नजर आती है और इसको हम इस तरह से भी समझ सकते हैं कि जब मार्केट ऑल

    टाइम हाई पे चलता है वहां पे तो कोई सेलर्स के स्टॉप लॉस नहीं होते फिर भी मार्केट ऊपर की साइड पे मूव करता हुआ जाता है तो वहां पे नया पैसा इनफ्लो होता हुआ नजर आता है सो आई होप आपको बड़े ही आराम से क्लियर हो गया होगा।

  3. Liquidity Grab / Liquidity Trap

    लिक्विडिटी ग्रैब सबसे पहले होता कैसा है आपको यहां पे एक लाइव एग्जांपल शो कर देता हूं एकदम रिसेंट चार्ट है ये बैंक निफ्टी का इस के आगे कोई भी चार्ट अवेलेबल नहीं है फव मिनट टाइम फ्रेम पे फिलहाल मैंने ओपन कर रखा है यहां पे आपको देखने को मिलेगा एक सर्टेन लेवल के आसपास आके यहां पे प्राइस रेजिस्टेंस फेस कर रहा था रेजिस्टेंस फेस कर रहा था पहले यहां से एक बार सेलिंग होती हुई नजर आई कुछ सेलर्स यहां पे आए होंगे दोबारा आया सेलिंग हुई कुछ सेलर्स

    यहां पे आए होंगे फिर यहां पे बार-बार मार्केट रेजिस्टेंस ले रहा था तो कुछ और यहां पे न्यू ट्रेडर्स न्यू सेलर्स वगैरह आए होंगे क्योंकि स्मार्ट ट्रेडर्स को तो अब तक क्या समझ में आने लग गया होगा कि मार्केट नीचे नहीं जा पा रहा जाना होता तो यहीं से चला जाता यहां से नहीं गया यहां से चला जाता सेकंड बार भी जब यहां से गिरा तब तक भी उसने लो को ब्रेक डाउन नहीं करा तो अब तक क्या होने लग जाता है काफी सारे लोग तो यहां पे पोजीशन अपनी कट डाउन करना चालू कर देते हैं सेलर्स फिर भी कुछ लोग यहां पर जिद्दी माइंडसेट के होते हैं।

    वो सोचते हैं कि, लेवल के ऊपर आएगा तभी मैं अपनी पोजीशन यहां पे कट डाउन करके जाऊंगा प्राइस इसके ऊपर थोड़ा सा निकलता है ये सारे जो बचे कुचे यहां पे थोड़े बहुत सेलर्स थे उनको प्राइस हटाता है इस लेवल के ऊपर के और जैसे ही यहां पे अपर साइड के लिक्विडिटी खत्म अपर साइड के स्टॉप लॉस खत्म यहां पे फ्रेश लिक्विडिटी है नहीं यानी कि फ्रेश कोई सेलर नहीं है यहां पर बायर्स के ऑर्डर फुलफिल करने के लिए ऐसा हम समझ सकते हैं कि फ्रेश नाना तो कोई सेलर के यहां पे ऑर्डर है ना कुछ है यहां पे तो ऊपर की साइड में प्राइस थोड़ा सा मूव करता है उसके बाद यहां पे आप देखेंगे क्या? Order Blocks भी एक अच्छी रणनीति हो सकती है।

    शार्प सेलिंग हमें देखने को मिलती है तो ये एक प्रॉपर कंसेप्ट होता है लिक्विडिटी ग्रैब (high liquidity trading) का कि प्राइस ने ये जो इतना सा ऊपर की साइड पार्ट बनाया इससे एक तीर से दो काम होते हुए यहां पे नजर आए ऊपर के बचे कुछ सेलर्स भी यहां पे स्टॉप लॉस सेलर्स के कट गए दूसरा यहां पे क्या हुआ ये ब्रेकआउट को देख के कि, हां यहां पे भी लोग रेजिस्टेंस लिया यहां पे भी रेजिस्टेंस लिया मल्टीपल रेजिस्टेंस लिया ये ब्रेकआउट को देख के जो सारे लोग यहां पे अभी तक भी रैली मिस कर रहे थे वो सब भी यहां पर बाय करने आ जाएंगे।

  4. Liquidity Sweeps

    लिक्विडिटी स्वीप जैसा लास्ट कंसेप्ट हमने डिस्कस करा लिक्विडिटी ग्रैब का उसी से मिलता-जुलता ये रहता है बस थोड़े से इसमें चेंजेज रहते हैं दोनों यूं मान सकते हैं कि दोनों भाई भाई होते हैं जैसे लिक्विडिटी ग्रैब में हमने क्या देखा एक सर्टेन लेवल के आसपास प्राइस सपोर्ट ले रहा था तो जहां पर सब लोगों की लिक्विडिटी यहां पे इकट्ठी हो चुकी थी सारे एक साइड पे हो चुके थे मल्टीपल टाइम सपोर्ट ले लिया पर ऊपर नहीं जा पा रहा जाना होता तो यहां से चल जाता यहां से चल जाता यहां से चल जाता कहीं से भी चल जाता

    इतनी बार अपॉर्चुनिटी दे दी सब लोगों को यहां पे बाय करने बिठा लिया तो उसके बाद एक प्राइस ड्रॉप डाउन हुआ एक अच्छा खासा डाउन साइड का मूव देखने को मिला सफिशिएंट पॉइंट्स का तो जब सफिशिएंट पॉइंट्स का मूव देखने को मिल रहा है बड़ा मूव देखने को मिल रहा है तब तो उसको कहा जाता है लिक्विडिटी ग्रैब और लिक्विडिटी स्वीप ऐसा होता है जहां पर कुछ पॉइंट से कुछ मार्जिन से सिर्फ मार्केट लिक्विडिटी हटाता है जैसे यहां पर आपको देखने को मिलेगा इस लेवल के हल्का सा ऊपर मार्केट गया यह हल्का सा ऊपर गया तो इसको कहते हैं स्वीप करके आना या तो सेम कैंडल में ही मार्केट वापस नीचे आ जाए।

    उसके ऊपर जाके यहां के स्टॉप लॉस खाली करके सेम कैंडल में ही आ जाए या एक दो कैंडल में वापस से नीचे आ जाए कोई बड़े पॉइंट्स का मूव नहीं होना चाहिए ये चीज है यहां पे लिक्विडिटी ग्रैब और यह हल्का सा ऊपर जाना ये होता है लिक्विडिटी स्वीप और एग्जांपल आप यहां पे आगे देख सकते हैं मल्टीपल एग्जांपल्स (Stock market liquidity) आपको देखने को मिल जाएंगे ये भी एक तरह का लिक्विडिटी स्वीप है जैसे यहां पे लास्ट लोगों के स्टॉप लॉस कहां पे होंगे जिन लोगों ने ये सेल किया था ये पूरा एक अच्छा सेल साइड का मोमेंटम देखने को मिला उनके लास्ट स्टॉप लॉस कहां तक होंगे इसके ऊपर तक तो जैसे ही उनको खाली करा तो ये भी एक तरह का लिक्विडिटी हटाने का ही कांसेप्ट है पर इसमें हल्का सा मोमेंटम होता है जैसे एक कैंडल का यहां पे सिर्फ मोमेंटम हुआ और वापस से प्राइस नीचे आना चालू कर दिया तो इतना सा होता है

    ये लिक्विडिटी स्वीप और यही कोई बड़ा होता यहां पे इस तरह से मूव तो उसको कहा जाता लिक्विडिटी ग्रैब तो स्वीप करना मतलब हल्का सा ऊपर जाके वापस आना य हल्का सा नीचे जाके वापस आना जैसे यहां पे आप देख सकते हैं इस लेवल के आसपास काफी लोगों की यहां पे लिक्विडिटी मिली होगी हल्का सा नीचे गया प्राइस और ऊपर निकलना चालू कर दिया तो कंसेप्ट में दोनों के अंतर नहीं है बस हल्का सा वेरिएशन होता है वहां पे नजरिए में अब जो भी मेन टर्म्स होती हैं लिक्विडिटी के रिलेटेड उन सभी को हमने डिस्कस कर लिया है सारे मेन कंसेप्ट को।

Outro

इस लेख के माध्यम से हमने आपको लिक्विडिटी जिसका उपयोग करके आप अपनी ट्रेडिंग में अधिक लाभ अर्जित कर सकते है। इन सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर विस्तार से चर्चा किया गया है। liquidity-based trading कैसे की जाती है इन सब गहन तथ्यों पर भी आपका ध्यान केंद्रित करने का प्रयास किया गया है।

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राहुल कुमार सोनी

राहुल कुमार सोनी एक वित्तीय बाजार लेखक हैं, जिन्हें शेयर बाजार, ट्रेडिंग और निवेश में 6 साल से अधिक का अनुभव है। वह बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग में ऑनर्स डिग्री के साथ एक बाजार निवेशक भी हैं।

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