जानिए intrinsic value kaise nikale और स्टॉक की असली कीमत का पता लगाएं। DCF मॉडल, गॉर्डन ग्रोथ फॉर्मूला और बेंजामिन ग्राहम के तरीके को आसान भाषा में समझें।
Stock ki Sahi Value Kaise Pata Kare इसके लिए हमने सही विधि को उदाहरण सहित समझाने का प्रयास किया है।
intrinsic value kaise nikale
शेयर मार्केट में ज्यादातर ट्रेडर का में मुख्य सवाल यही होता है कि, किसी भी कंपनी का इंट्रिसिक वैल्यू कैसे निकाले? इसको निकालने के लिए हमने नीचे तीन मुख्य तरीकों को समझाने का प्रयास किया है।
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Discounted Cash Flow (DCF) Method in Hindi
यह सबसे ज्यादा पॉपुलर और सरल तरीका है, इंट्रिसिक वैल्यू निकालने का इसमें कंपनी के भविष्य में होने वाले सभी प्रकार के गैस श्लोक अंदाजा लगाकर उसे आज की ही तारीख में डिस्काउंट करके देखा जाता है।
इसका सीधा सा मतलब यह होता है कि, आज का मान लीजिए आज का 1 रूपया कल के 1 रुपया से कितना अधिक मूल्यवान है। डीसीएफ (DCF) का यह सिद्धांत इसी तकनीक पर काम करता है।
उदाहरण के लिए मान लीजिए कि, किसी एक कंपनी से अगले 5 सालों में लगभग 110000, 120000, 130000 और 140000 के कैश फ्लो की उम्मीद की गई है।
यदि डिस्काउंट रेट उस पर 10% है। तो आप प्रत्येक कैश फ्लो का हाल का वर्तमान वैल्यू निकलेंगे और उन्हें जोड़ेंगे। उसके बाद ही आप 5 साल बाद के टर्मिनल वैल्यू को निकाल कर डिस्काउंट करेंगे। उसके बाद दोनों को जोड़कर ही आपका इंटर्नशिप वैल्यू निकल जाएगा।
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गॉर्डन ग्रोथ मॉडल (GGM) / डिविडेंड डिस्काउंट मॉडल।
गार्डन ग्रोथ मॉडल यह भी एक अधिक लाभकारी नियमों में से एक है। जो ऐसी कंपनियों के लिए बहुत जरूरी होता है, जो नियमित रूप से डिविडेंड प्रदान करती है।
इस फार्मूले से आप यह मान सकते हैं कि, कंपनी हमेशा आपको लाभ देती रहेगी और वह एक स्थिर रेट से बढ़ता भी रहेगा। Investopedia पर Intrinsic Value को अच्छे से हिंदी भाषा में भी समझाया गया है
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Benjamin Graham Intrinsic Value Formula
What is Intrinsic Value in Hindi बेंजामिन ग्राहम ने भी इंटरनसिक वैल्यू के लिए एक फार्मूला दिया था। जिसे वह वैल्यू इन्वेस्टिंग के लिए बहुत ही ज्यादा उपयोग किया करते थे।
हालांकि यह मूल रूप से 1962 में पूरी दुनिया के सामने आया था, लेकिन इसका एक संशोधित संस्करण आज भी प्रासंगिक है। Benjamin Graham का मूल फॉर्मूला समझने के लिए आप इस लेख को भी अच्छे से पढ़ सकते है।
इस समीकरण का उपयोग खास करके उन निवेशकों को लिए बहुत उपयोगी होता है, जो ग्रोथ वाले स्टॉक का मूल्यांकन करना चाहते हैं।
यह भी पढ़ें – ट्रेडिंग के 5 ज़रूरी नियम।
Intrinsic Value Formula
Order Blocks आपकी ट्रेडिंग को बदल सकते हैं। वे आपको Order Block Entry और Exit के बारे में जानकारी देते हैं।
| Order Block का प्रकार | विशेषता | ट्रेडिंग में उपयोग |
| Bullish Order Block | बाजार में खरीदारी का दबाव। | खरीदारी के अवसरों की पहचान। |
| Bearish Order Block | बाजार में बिक्री का दबाव। | बिक्री के अवसरों की पहचान। |
निष्कर्ष।
Intrinsic value निकालना किसी निवेशक के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसकी वजह से आप बाजार के हलचल और सट्टेबाजी से दूर रहते है और आपको एक अनुशासित निवेशक बनने की आदत डाल रहे होते है।
हालांकि, यह याद रखना होगा कि, यह एक कला भी है और विज्ञान भी। अलग-अलग एनालिस्ट अलग-अलग मान्यताओं के आधार पर ही अलग-अलग वैल्यू निकाल सकते हैं। इसलिए, जितना हो सके Conservative अनुमानों का इस्तेमाल करें और हमेशा मार्जिन ऑफ सेफ्टी को ध्यान में रखें।
उम्मीद है कि इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से आपको intrinsic value kaise nikale का स्पष्ट ज्ञान मिला होगा। अब सिर्फ आपको इसे निकालने का अभ्यास करना होगा।
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