Hammer candle in hindi example

हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न : Hammer candle in hindi example

Trading Indicators Strategies

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Hammer candle in hindi example के तहत आज के इस ब्लॉग में हम प्राइस एक्शन ट्रेडिंग में बहुत ही इंपॉर्टेंट रिवर्सल कैंडलस्टिक पैटर्न मानी जाने वाली, हैमर कैंडल को समझने का प्रयास करेंगे। हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न एक रिवर्सल कैंडलस्टिक पैटर्न होता हैं। जब हैमर पैटर्न बनता हैं उसके बाद शेयर के ट्रेंड में बदलाव निश्चित हैं।

हैमर कैंडल (Hammer candle in hindi example)

जब किसी कैंडल में शैडो नीचे की तरफ 70 प्रतिशत से अधिक तथा बॉडी 30% बने तो वह हैमर कैंडल (Hammer Candle) कहलाता हैं। यहां प्राइस डाउन ट्रेंड में है।

साथ ही नीचे के छेत्र में एक हैमर कैंडल को फॉर्म करते हुए, शेयर का भाव रिवर्स होकर ऊपर की ओर चली जाती है। हैमर कैंडल में बॉडी हमेशा छोटी होती है, और कैंडल की विक कैंडल बॉडी की तुलना में बहुत बड़ी होती है।

हैमर कैंडल के प्रकार।

हैमर कैंडल मुख्यतः 2 प्रकार से बनता हैं।

  1. Single Hammer Candlestick Pattern.
  2. Double Hammer Candlestick Pattern.

1) Single Hammer Candlestick Pattern

एकल कैंडलस्टिक पैटर्न (Single Candlestick Pattern) ऐसे पैटर्न के रूप में दिखाई देते हैं, जिसमे मात्र एक ही कैंडल होता हैं। अर्थात इनके निर्माण में एक ही कैंडल का उपयोग होता हैं।

2) Double Hammer Candlestick Pattern

ऐसे कैंडलस्टिक पैटर्न जिनके निर्माण में दो कैंडल की आवश्यकता होती हैं, डबल कैंडलस्टिक पैटर्न (Double Candlestick Pattern) कहा जाता हैं।

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हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेडिंग कब करें।

कैंडल की विक जितनी ज्यादा बड़ी होगी, उतनी ही कैंडल ज्यादा अच्छा परफॉर्मेंस करेगी। हैमर कैंडल रेड या फिर ग्रीन दोनों कलर की हो सकती है। यहां कैंडल के कलर से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। वॉल्यूम के साथ ट्रेडिंग सेशन के दौरान यदि हैमर बनता हुआ प्रतीत होता हैं, तो शेयर का भाव अपने मौजूदा ट्रेंड के विपरीत बदलने के 100 प्रतिशत तैयार रहना चाहिए।

हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न के 4 मुख्य प्रयोग।

प्रयोग क्रमांक – 1

उदाहरण के लिए, जैसे यहाँ प्राइस एक्शन के अनुसार शेयर के भाव नीचे आते ही सेलर्स मार्केट में अपना कंट्रोल खो चुके हैं, और वह अपनी-अपनी पोजीशन से एग्जिट कर रहे हैं।

उसी समय नए बायर्स मार्केट में अपनी एंट्री बनाते हुए प्राइस को एक बार फिर से ऊपर की तरफ ले जाने की कोशिश में लगे हैं, इसी कारण प्राइस यहां से एक डाउन ट्रेंड से अप ट्रेंड में कन्वर्ट हो चुकी है।

यहां मार्केट में पहले से मौजूद सेलर्स में से कुछ सेलर्स प्राइस को नीचे खींचने की आखरी कोशिश करते हैं और बाकी बचे सेलर अपना प्रॉफिट बुक करने में लग जाते हैं जिसके कारण सेलर्स की स्ट्रेंथ कमजोर हो जाती है।

उसी वक्त नये बायर्स मार्केट में अपनी एंट्री बनाते हैं, और बाकी बचे सेलर्स को मार्केट से बाहर निकलकर डाउन ट्रेंड को एक अप ट्रेंड में कन्वर्ट कर देते हैं।

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प्रयोग क्रमांक – 2

इस दूसरे में एक बेरिश ट्रेंड में चार्ट पर दो बड़ी-बड़ी लिए कैंडल बनती है जिससे मार्केट में एक डाउन फॉल आता है, और प्राइस तेजी से नीचे गिरती है।

इन दो कैंडल में प्राइस एक बहुत बड़ा अंतर पार कर लेने से इसके बाद मार्केट में नए सेलर्स और ऐड नहीं होते, जिससे प्राइस छोटी-छोटी रेड कैंडल बनाते हुए नीचे जाती है यहां सेलर्स द्वारा बनाया गया सेलिंग प्रेशर कम होता देख नए बायर्स मार्केट में एंट्री करते हैं, और प्राइस को ऊपर ले जाने की कोशिश करते हैं, जिससे चार्ट पर हैमर कैंडल फॉर्म होती है।

लेकिन एक बार फिर से सेलर्स प्राइस को नीचे खींचने की कोशिश करते हैं मगर बढ़ते बाइंग प्रेशर के कारण प्राइस रिवर्स होक ऊपर निकल जाती है।

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प्रयोग क्रमांक – 3

तीसरा एग्जांपल देखते हैं यहां प्राइस अप ट्रेंड मोमेंटम में हायर लो का प्राइस एक्शन पैटर्न बनाते हुए ऊपर जाती है मगर कुछ समय बाद सेलर्स मार्केट में एंट्री करते हैं, और प्राइस को रिवर्स करते हुए नीचे ले आते हैं।

जिससे चार्ट में निचले लेवल पर एक सपोर्ट एरिया बनता है जैसे ही प्राइस इस सपोर्ट एरिया में आती है। मार्केट में सेलिंग प्रेशर कम होने से सेलर्स अपनी पोजीशन कट करके प्रॉफिट बुकिंग करते हैं और उसी वक्त नए बाय इस लेवल पर अपनी एंट्री बनाते हैं जिससे प्राइस अपना प्रीवियस अपट्रेंड कंटिन्यू करती है।

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प्रयोग क्रमांक – 4

किसी भी चार्ट में केवल हैमर कैंडल को देखकर आप रिवर्सल ट्रेड नहीं ले सकते हैमर कैंडल के साथ-साथ आपको चार्ट पर प्राइस एक्शन में बन रहे सपोर्ट लाइन का भी इस्तेमाल करना होगा अगले एग्जांपल में प्राइस अप ट्रेंड में मूव करते हुए हायर लोज का फॉर्मेशन बनाते हुए ऊपर बढ़ती है।

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प्राइस जैसे ही एक नया हाई लगाती है मार्केट में पहले से एंट्री बना चुके बायर अपना प्रॉफिट बुक करते हैं जिस से प्राइस में छोटा सा करेक्टिव मूव आता है पिछले हाई पॉइंट पर चार्ट में एक सपोर्ट लाइन बनने से प्राइस इस सपोर्ट लाइन तक जैसे ही आती है फिर से न्यू बायर्स मार्केट में एंट्री करते हैं जिससे चार्ट पर हैमर कैंडल बनती है।

यहां प्राइस अपने प्रीवियस हाई और नीचे से आने वाले मूविंग एवरेज का सपोर्ट लेकर अपना अप ट्रेंड कंटिन्यू करती है, यहां न्यू बायर्स द्वारा हैमर कैंडल को एक फ्रेश एंट्री पॉइंट की तरह इस्तेमाल किया गया है, प्राइस एक्शन में बनने वाले की लेवल के साथ कैंडल स्टिक पैटर्न का इस्तेमाल करके आप यहां लॉन्ग ट्रेड एंट्री बना सकते हैं।

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निष्कर्ष।

इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से हमने हैमर कैंडल को विस्तार से समझाया हैं। इस लेख में हैमर कैंडल बनता कैसे हैं? बॉडी औऱ विग का आकार, हैमर कैंडल के मुख्य उपयोग के साथ- साथ 4 उदाहरण से भी समझाने का प्रयास किया हैं। आप चाहे तो ट्रेडिंग से सम्बंधित जितने भी प्रकार के टॉपिक हैं उनका विस्तार से ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उनका उपयोग कर अच्छा लाभ भी अर्जित कर सकते हैं।

FAQ

Q.1 हैमर कैंडल का मतलब क्या होता है?

हैमर कैंडल का मतलब हैं कि ट्रेडिंग के दौरान चार्ट में बन रहें ऐसे कैंडल जिसकी बॉडी छोटी होने के साथ-साथ हथोड़े की आकृति के सामान तथा विग लम्बी होती हैं। इस प्रकार दिखने वाले कैंडल को ही हैमर कैंडल कहते हैं।

Q.2 कौन सा कैंडलस्टिक पैटर्न सबसे अच्छा है?

सबसे अच्छा कैंडलस्टिक पैटर्न हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न ही होता हैं, क्योंकि इसके बन जाने के बाद मार्केट में जो भी ट्रेंड चल रहा होता हैं। वह इसके बनने के बाद विपरीत ट्रेंड के दिशा की ओर चल पड़ता हैं। ट्रेंड रिवर्सल की वजह से आप ट्रेडिंग के दौरान अच्छा लाभ उठा सकते हैं।

Q.3 कैंडल पैटर्न को कैसे समझे?

कैंडल पैटर्न को समझने के लिए आपको सर्वप्रथम चार्ट को रोजाना पढ़ने औऱ एनालिसिस करने की जरुरत हैं। जब आप ट्रेडिंग चार्ट को देखेंगे तब उसमे मार्केट ट्रेंड के सबसे नीचे या सबसे ऊपर एक हथोड़े की आकृति के सामान कैंडल जब दिखाई दे तो आपको उसकी छोटी बॉडी औऱ लम्बी विग को देखकर यह नज़रिया रखना हैं कि अब यहाँ से चल रहा ट्रेंड बदलने वाला हैं। इसलिए इसे ट्रेंड रिवर्सल कैंडल भी कहते हैं।

Q.4 कुल कितने कैंडलस्टिक पैटर्न हैं?

कुल दो प्रकार के कैंडलस्टिक पैटर्न होते हैं। जिसमे से पहला हैं, सिंगल कैंडलस्टिक पैटर्न औऱ दूसरा डबल कैंडलस्टिक पैटर्न।

Q.5 शुरुआती के लिए कैंडलस्टिक्स कैसे पढ़ें?

आज शुरुआती लोगो के लिए कैंडलस्टिक्स को समझने के लिए यूट्यूब, इंस्टाग्राम, गूगल जैसे प्लेटफार्म पर आसानी से पढ़ा जा सकता हैं। आप हमारी ब्लॉग वेबसाइट www.financialedifyhindi.com से भी कैंडलस्टिक्स को सीख सकते हैं।

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राहुल कुमार सोनी

राहुल कुमार सोनी एक वित्तीय बाजार लेखक हैं, जिन्हें शेयर बाजार, ट्रेडिंग और निवेश में 6 साल से अधिक का अनुभव है। वह बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग में ऑनर्स डिग्री के साथ एक बाजार निवेशक भी हैं।

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